बालोद। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालोद जिले का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां अधिकारियों की लापरवाही और आंगनबाड़ी केंद्रों में पाई गई गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अनुपस्थित DPO किशन टंडन सस्पेंड
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) किशन टंडन की अनुपस्थिति को मंत्री ने गंभीरता से लिया और उन्हें तत्काल निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
आंगनबाड़ी में मिली कई गड़बड़ियां:
बालोद के पाररास आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण के दौरान सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं:
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बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई थी।
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गलत फोटो अपलोड किए गए।
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Ready-To-Eat स्टॉक में हेराफेरी की पुष्टि हुई।
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फर्जी एंट्री और भ्रामक जानकारी भी पाई गई।
इन सभी गड़बड़ियों पर मंत्री राजवाड़े ने गहरी नाराज़गी जाहिर की और मौके पर ही निर्देश दिए कि:
🔸 CDPO और पर्यवेक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया जाए।
🔸 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निलंबित किया जाए।
मंत्री ने अफसरों को लगाई फटकार
सर्किट हाउस में जब जिला भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने मंत्री से मुलाकात कर अधिकारियों की शिकायत की और उपेक्षा का आरोप लगाया, तब मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आगबबूला हो गईं।
उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस निरीक्षण में महिला बाल विकास सचिव, समाज कल्याण सचिव और विभागीय संचालक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।