बीजापुर (छत्तीसगढ़) – नक्सलियों की शांति वार्ता की पहल के बीच बीजापुर जिले के अबूझमाड़ नेशनल पार्क क्षेत्र में DRG और STF जवानों ने बड़ी कार्रवाई की है। आज सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है, जिसमें अब तक 3 नक्सलियों को मार गिराया गया है। दोनों ओर से गोलीबारी अब भी चल रही है और मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
अबूझमाड़ में तैनात हैं DRG-STF के जवान
मुठभेड़ में शामिल डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के बीच यह ऑपरेशन लंबे समय तक चल सकता है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की गश्त तेज कर दी गई है और अतिरिक्त फोर्स को भी भेजा गया है।
शांति वार्ता पर फिर सवाल
इस मुठभेड़ ने उस समय सनसनी फैला दी जब हाल ही में नक्सलियों ने वार्ता की पेशकश की थी। कुछ दिन पहले उन्होंने प्रेस नोट जारी कर सरकार से बातचीत के लिए अनुकूल माहौल की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वे स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी का विरोध नहीं करते, लेकिन सरकार की तरफ से ठोस पहल नहीं हुई है।
सरकार ने वार्ता के लिए जताई थी तत्परता
गृह मंत्री विजय शर्मा ने 10 अप्रैल को शांति वार्ता के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा था कि यदि नक्सली हथियार डालकर सामने आते हैं, तो सरकार खुले दिल से वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कोई सरेंडर करता है, तो उस पर चल रहे प्रकरणों को वापस लिया जाएगा और सरकार उनकी पुनर्वास नीति के तहत मदद करेगी।
शांति की पहल के बीच हिंसा क्यों?
हालिया घटनाएं एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं — जब दोनों पक्ष वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर मुठभेड़ क्यों हो रही है? क्या नक्सली गुटों के बीच मतभेद हैं, या यह सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति है?